यूरोपियन स्पेस एजेंसी का Gaia स्पेस टेलीस्कोप एस्टरॉयड्स के विषय में रोचक जानकारी निकाल कर लाया है। स्पेस डॉट कॉम के अनुसार, गाया मिशन के दौरान 350 से भी ज्यादा एस्टरॉयड्स के इर्द गिर्द उनके चंद्रमाओं को घूमते देखा गया है। रोचक बात यह है कि इससे पहले इन एस्टरॉयड को अकेला पत्थर ही माना जाता था। लेकिन इनके चंद्रमा भी हैं!
सौरमंडल में मौजूद कुछ एस्टरॉयड्स के चंद्रमाओं के बारे में इससे पहले भी खोज हो चुकी हैं। लेकिन अब 352 नए इस तरह के एस्टरॉयड सिस्टम दिखाई देने का दावा किया गया है, जिसमें एस्टरॉयड अकेला नहीं है, बल्कि उसका भी बाइनरी सिस्टम है। इन्हें बाइनरी एस्टरॉयड कह दिया जाता है।
ये एस्टरॉयड आसानी से नजर में नहीं आते हैं, क्योंकि ये हमारी पृथ्वी से बहुत अधिक दूरी पर मौजूद हैं। Côte d’Azur ऑब्जर्वेटरी के शोधकर्ता, और खोज के प्रमुख लुआना लिबरेटो के मुताबिक, ब्रह्मांड में ज्ञात 1 अरब एस्टरॉयड्स में केवल 500 एस्टरॉयड्स में बाइनरी सिस्टम को खोजा गया है। जिनमें ये नए 352 एस्टरॉयड भी शामिल हैं। खोज इशारा करती है कि अभी भी न जाने कितने ही और एस्टरॉयड्स ऐसे हैं जिनका एक बाइनरी सिस्टम है, और उन्हें खोजा जाना अभी बाकी है।
पिछले साल नवंबर में स्पेस एजेंसी नासा ने इसी तरह की एक और नई खोज एस्टरॉयड के बारे में की थी। इसका स्पेसक्राफ्ट Lucy एस्टरॉयड मिशन पर है। यह एस्टरॉयड Dinkinesh के बारे में जानकारी जुटा रहा है। मिशन के दौरान स्पेसक्राफ्ट ने एस्टरॉयड Dinkinesh के बारे में जानकारी दी कि इस एस्टरॉयड का अपना एक चंद्रमा भी है।
एस्टरॉयड का यह चंद्रमा 220 मीटर चौड़ा है। यह लगातार एस्टरॉयड का चक्कर लगा रहा है लेकिन इससे 434 किलोमीटर की दूरी पर है। रोचक बात ये है कि एस्टरॉयड दिनकिनेश केवल 790 मीटर बड़ा है, और इसका चंद्रमा 220 मीटर बड़ा है। नासा का कहना है कि यह मुख्य एस्टरॉयड बेल्ट में मौजूद सबसे छोटा एस्टरॉयड है जो इतने करीब से देखा गया है।
धरती के करीब पाए जाने वाले एस्टरॉयड में से अधिकतर एस्टरॉयड बेल्ट में मौजूद हैं। यह बेल्ट मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच पाई जाती है। यह धरती से लगभग 48 करोड़ किलोमीटर दूर है।
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