Exclusive: पूर्व स्पिनर का चौंकाने वाला खुलासा, कमीशन के बदले होती है पाकिस्तान में कोच की नियुक्ति! टूरिस्ट की तरह आते हैं

राजीव मिश्रा. पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने अपने देश के टीम की पोल पट्टी खेलकर रख दी है. अक्सर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को लेकर बयान देने वाले इस दिग्गज ने इस बार कुछ ऐसा कहा है जिससे पाकिस्तान में हंगामा मचना तय है. उन्होंने न्यूज 18 से खास बातचीत में एक ऐसे राज से पर्दा उठाया जिसकी वजह से पाकिस्तान क्रिकेट का हाल बेहाल होता जा रहा है. उनका मानना हिंदुस्तान की सबसे कमजोर पड़ोसी टीम कोई है तो वे पाकिस्तान. पाकिस्तान के हालात इतनी खराब है कि भारत की अंडर 19 टीम उनको हरा दे.

न्यूज 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में दानिश कनेरिया ने बताया कि पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के पीछे लगातार बदलते कोच और पीसीबी की खराब सोच है. 2016 से 2019 तक मिकी आर्थर टीम के हेड कोच रहे..आर्थर की निगरानी में पाकिस्तान ने चैंपियस ट्रॉफी जीता पर पीसीबी ने उनका करार आगे नहीं बढ़ाया. 2019 से 21 तक मिस्बाह टीम के कोच रहे और इस दौरान पाकिस्तान ने 16 टेस्ट खेले और 7 में जीत हासिल की.

दानिश ने आगे बातचीत में बताया कि जब वो टीम में थे और बाब वूल्मर कोच थे तो वो पूरा समय पाकिस्तान की डोमेस्टिक क्रिकेट को देते थे. यही वजह थी कि टीम के पास एक से बढ़कर एक मैच विनर खिलाड़ी आते गए, आज गिलेस्पी सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया वापस चले जाते हैं. मतलब साफ है कि जो खिलाड़ी चुनकर कोच को मिलता है उसके बारे में कोच को ABCD भी पता नहीं होता. यही वजह पाकिस्तान के पास आज अच्छे खिलाड़ियों का अभाव है.

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2021 से 23 सकलैन मुश्ताक के पास टीम की बागडोर रही..फटाफट फार्मेट में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया पर टेस्ट में टीम का प्रदर्शन औसत रहा. 2023 में ग्रैंट ब्रैडबर्न को बहुत उम्मीदो के साथ टीम के साथ जोड़ा गया पर जल्दी ही टीम ने उनसे पल्ला झाड़ लिया. 2024 में ऑस्ट्रेलिया के जेसन गिलेस्पी टीम के हेड कोच बने पर वे भी पाकिस्तान के सुधार नहीं पाए.

कोच की नियुक्ति के बदले मिलता है कमीशन

कनेरिया ने हिंदुस्तान और बीसीसीआई की तारीफ करते हुए कहा ‘भारतीय टीम के अंतिम विदेशी कोच डंका फ्लेचर थे. 2015 में फ्लेचर का कार्यकाल खत्म हुआ और तब बोर्ड ने फैसला लिया कि आगे वे देसी कोच के साथ चलेंगे. इस फैसले ने भारतीय क्रिकेट के ग्राफ को ऊपर पहुंचाने में बहुत मदद की वहीं पाकिस्तान विदेशी कोच के मोह को छोड़ नहीं पा रहा. नतीजा हम सबके सामने है. विदेशी कोच लाने के लिए पीसीबी की तरफ से कमीशन मिलता है. जो कोच आते हैं वो टूरिस्ट की तरह होते हैं, सीरीज के दौरान रहते हैं और फिर वापस लौट जाते हैं.

भारतीय टीम ने साल 2016 में संजय बांगर को अंतरिम कोच की जिम्मेदारी दी थी. 2016 से 2017 तक अनिल कुंबले टीम के कोच बने और चैंपियस ट्रॉफी के फाइनल में हारने के बाद कुंबले ने इस्तीफा दे दिया. 2017 से 2021 तक रवि शास्त्री टीम के डायरेक्टर रहे और भारतीय टीम ने तब तीनों फार्मेट में आसमान को छुआ. 2021 से 2024 राहुल द्रविड और अब टीम के हेड केच का गौतम गंभीर के हाथ में है.
2016 से अब तक दोनों टीम पाकिस्तान और हिंदुस्तान ने 5-5 कोच बदले पर नतीजा पूरी तरह से हिंदुस्तान के पक्ष में गया. दानिश का ये मानना है कि पाकिस्तान में आज ये पता नहीं है कि टीम कौन चला रहा है. टीम के कप्तान शान मसूद के पास कितना पावर है, कोच गिलेस्पी की कितनी चलती है. भारत में कोच और कप्तान के एक पेज पर है और उनकी सोच टीम इंडिया की सोच है, जिसको बैक अप बीसीसीआई कर रहा है.

Tags: Danish Kaneria, Gary Kirsten, Pakistan Cricket Board

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