कैंसर के सेल्स तक को ठीक करता है यह पत्ता, विटामिन-C का है पावरहाउस, जानें इसके फायदे-This leaf cures even cancer cells, it is a powerhouse of Vitamin C, know its benefits

पश्चिम चम्पारण. लेमन ग्रास के बारे में तो हम सब जानते हैं. लेकिन इसके उपयोग एवं औषधीय गुणों के बारे में बेहद कम लोगों की ही जानकारी होती है. जानकारों का कहना है कि लेमन ग्रास का हर पत्ता पूर्णतः औषधीय गुणों से भरा होता है. हालांकि, इससे बनी चीजों का इस्तेमाल हर कोई अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में करता है, लेकिन इसके सीधे फायदे के बारे में गिने चुने लोगों को ही जानकारी होती है. ऐसे में ज़िले के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉ. धीरू कुमार तिवारी तथा अन्य जानकारों ने लेमन ग्रास के सभी औषधीय गुणों की विस्तृत जानकारी साझा की है.

पूर्णतः औषधि है यह झाड़, चाय बनाने में करें इस्तेमाल

पिछले 25 वर्षों से प्लांट्स पर कार्य कर रहें मेडिसिनल प्लांट्स एक्सपर्ट ‘रविकांत पांडे’ ने लेमन ग्रास के औषधीय गुणों पर कुछ विशेष जानकारी साझा की है. उनका कहना है कि लेमन ग्रास में बेहद अधिक मात्रा में एंटीआक्सीडेंट पाया जाता है. साथ ही इसमें एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण भी होता है.

विशेष बात यह है कि इसमें एंटी एन्फ्लामेंट्री प्रॉपर्टी वाला फ्लेबोनाइट्स भी होता है, हैं, जिसकी वजह से तेज बुखार के दौरान बदन दर्द की समस्या से राहत मिलती है. इतना ही नहीं, लेमन ग्रास का उपयोग शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है. इसके पत्ते आयरन तथा विटामन सी से भरे हुए होते हैं, जिसको चाय या अन्य चीजों में मिलाकर लेंने से बेहद लाभ मिलता है.

कैंसर सेल्स तक को ठीक करने में उपयोगी
कृषि वैज्ञानिक डॉ. धीरू कुमार तिवारी बताते हैं कि लेमन ग्रास साइट्रिक टाइप का प्लांट है. इसमें लगभग 88 % विटामिन सी होता है, जो एंटीआक्सीडेंट का काम करता है. एंटी इन्फ्लामेंट्री प्रोसेस को कम करता है.अगर किसी को अर्थरायटिस है, कैडियो बायास्कुलर डिसीस है या बार बार सर्दी खांसी फ्लू की शिकायत है, तो इसका सेवन बेहद लाभकारी साबित हो सकता है. चौंकने वाली बात यह है कि कई रिसर्च में ये पाया गया है कि लेमन ग्रास कैंसर तक के सेल्स को ठीक करने में उपयोगी है.

बाजार में हाई है डिमांड
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है लेमन ग्रास की खेती से किसानों को काफी फायदा हो सकता है. कृषि वैज्ञानिक धीरू कुमार तिवारी ने बताया कि जिले के दर्जनों किसान लेमन ग्रास की खेती कर रहे हैं. खास कर मझौलिया प्रखंड में इसकी खेती मुख्य रूप से की जाती है. फसल की कटाई के बाद इसे बाजार में बेच दिया जाता है. इसका इस्तेमाल तेल, साबुन, सैनेटाइजर, फिनाइल, एंटी फंगल और विभिन्न प्रकार की दवाइयां बनाने में किया जाता है.

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