कोबरा सांप काटने के बाद भी बच जाएगी जान, सिर्फ इन बातों का रखें ध्यान

विशाल भटनागर/मेरठ: सांप जैसे खतरनाक जीव-जंतु वैसे तो कभी भी और कहीं भी आ जाते हैं लेकिन, बारिश के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में सांप काटने की घटनाएं काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं. दरअसल, बारिश होने पर जब पानी इनके बिलों में घुस जाता है तो सांप वहां से निकल कर सूखे जगहों की तरफ भागते हैं.  ऐसे में लोगों के घरों के कोने इनका ठिकाना बनते हैं और धोखा होने पर लोग इनके दंश का शिकार हो जाते हैं. कई बार लोग सांप के डसने से मरने भी जाते हैं. तो आप हम आपको कुछ ऐसी जरूरी बातें बताने जा रहे हैं जिनको ध्यान में रखते सांप का शिकार हुए व्यक्ति को बचा सकते हैं.

दरअसल, कई मामलों में सांप काटे हुए व्यक्ति को डॉक्टर के पास पहुंचाने से पहले लोग पहले झाड़ फूंक कराने में लग जाते हैं. इससे समय बर्बाद होता है और पीड़ित व्यक्ति को समय से इलाज नहीं मिल पाता और ऐसे में उसकी जान तक भी चली जाती है. इसको लेकर लोकल 18 की टीम ने लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में कार्यरत डॉक्टर श्वेता शर्मा से बात की.

मेडिकल उपचार है एकमात्र उपाय
डॉक्टर श्वेता शर्मा बताती हैं कि इस मौसम में हर साल मेडिकल कॉलेज में सांप डसने के काफी केस आते हैं. सर्पदंश या स्नेक बाइट से पीड़ित मरीज को मेडिकल की तरफ से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा स्नेक बाइट से संबंधित वैक्सीन मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध कराई गई हैं. ऐसे में अगर समय रहते मरीज को अस्पताल लाया जाए तो भले ही जहरीले से जहरीले सांप ने किसी को काटा हो तब भी उसकी जान बचने की काफी संभावना होती है. उनका कहना है कि इस मामले में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण समय होता है. पीड़ित जितना जल्दी अस्पताल पहुंच जाएगा उसके बचने की संभावना उतनी ज्यादा होगी.

खुद से ना बने एक्सपर्ट
डॉ श्वेता शर्मा कहती हैं कि देखने को मिलता है कि किसी भी व्यक्ति को सांप काट ले तो आसपास के लोग कई तरह की बातें करने लगते हैं. उन्होंने कहा कि अगर जिस व्यक्ति को भी सांप ने काटा है उसके लिए सबसे जरूरी है कि उसको बेहतर उपचार मिले. उन्होंने बताया कि सभी तरह के सांप के काटने पर इलाज जरूरी है. इसलिए खुद से एक्सपर्ट बनने की जगह डॉक्टर को दिखाएं.

कई बार देरी में दिखते हैं लक्षण लक्षण
किसी भी व्यक्ति को अगर खेत में काम करते हुए या फिर किसी भी समय कोई भी जहरीला जीव-जंतु काट ले और उसे पता न चले कि किसने काटा है तो ऐसे में तुरंत अस्पताल जाकर दिखाना चाहिए. दरअसल, कई बार सिम्टम्स यानी लक्षण देर से आते हैं. ऐसे में सांप काटने का पता नहीं चल पाता है. हालांकि, वह कहती है कि किसी के काटने या डसने का एहसास होने पर सांस लेने में दिक्कत, अचानक से नींद आना, बेहोशी या फिर बीपी लो होने की शिकायत है तो तुरंत एक्सपर्ट के पास जाएं. ये सारे लक्षण सांप डसने के माने जाते हैं.

इस बात का जरूर रखें ध्यान
डॉ श्वेता शर्मा के अनुसार अगर किसी को भी सांप ने काट लिया है तो सबसे पहले यह ध्यान रखें कि जिस स्थान पर काटा है उसका बिल्कुल भी मूवमेंट ना हो. जिस तरीके से किसी व्यक्ति के फैक्चर हो जाता है तो उस हिस्से को सीधा रखने के लिए प्लास्टर बांध दिया जाता है ठीक उसी तरह सांप काटे हुए हिस्से को बिल्कुल भी ना हिलाएं. इसके साथ ही पीड़ित को सोने न दें. इसके अलावा कभी किसी भी कड़े चीज से शरीर के उस अंग को ना बाधें क्योंकि उससे नसों में होने वाला खून का प्रवाह रुक जाता है. इससे भी कई बार मरीज की कंडीशन बिगड़ जाती है. उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में काफी ऐसे कैसे आते हैं जिनको बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए उनकी जान बचाई जाती है.

Tags: Local18

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