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आयुर्वेद में खैर के पत्ते, जड़, छाल, फूल, कत्था, गोंद आदि का इस्तेमाल कई घरेलू उपायों के रूप में किया जाता है. खैर की तासीर ठंडी होती है, इसलिए पित्त प्रकृति के लोग भी इसका सेवन आसानी से कर सकते हैं. यह त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होता है.
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आयुर्वेद में खैर के पत्ते, जड़, छाल, फूल, कत्था, गोंद आदि का इस्तेमाल कई घरेलू उपायों के रूप में किया जाता है. खैर की तासीर ठंडी होती है, इसलिए पित्त प्रकृति के लोग भी इसका सेवन आसानी से कर सकते हैं. यह त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होता है.