वैभव सूर्यवंशी की तरह बेटे को बनाना है क्रिकेटर तो 7 साल की उम्र में ही शुरू करवा दें क्रिकेट की कोचिंग, जानें एक्सपर्ट कोच देवदत्त से

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वैभव सूर्यवंशी की तरह क्रिकेटर बनाने के लिए बेटे को 7 साल से ही करवाएं कोचिंग

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IPL Cricket Coaching Age: इंडियन डेफ क्रिकेट टीम के कोच देवदत्त ने कहा कि प्रोफेशनल क्रिकेट ट्रेनिंग की सही उम्र 7 साल है. हालांकि एक्स्ट्रा टैलेंट हो तो 4 साल से ही कोचिंग दी जा सकती है. इससे बच्चे 15 से 17 साल की उम्र से ही आईपीएल खेलने लायक हो जाते हैं. इससे बच्चे वैभव सूर्यवंशी की तरह स्टार खिलाड़ी बन सकते हैं.

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दिल्ली: आईपीएल 2026 की शुरुआत हो गई है और अब तक कई मैच भी हो चुके हैं. जैसे ही आईपीएल भारत में शुरू होता है तो भारतीय लोगों में एक क्रिकेट फीवर जैसा माहौल भी शुरू हो जाता है. ऐसे में भारत के हर घर में यह बात भी होने लगती है कि वह अपने बच्चों को भी एक क्रिकेटर बनाएंगे और उनका बच्चा भी टीम इंडिया के लिए खेलेगा. ऐसे में माता-पिता जब यह बातें करते हैं तो उनके लिए यह जानना भी बेहद आवश्यक है कि बच्चों के लिए वह कौन सी उम्र है, जिसमें माता-पिता को उन्हें प्रोफेशनल क्रिकेट कोचिंग के लिए डाल देना चाहिए. ताकि वह आगे जाकर फिर एक बड़े क्रिकेटर बनें. इस सब पर लोकल 18 की टीम ने इंडियन डेफ क्रिकेट टीम के हेड कोच देवदत्त से बातचीत की. आइए आपको बताते हैं उन्होंने टेक्निकल क्या कुछ बातें लोकल 18 की टीम के साथ साझा किए.

7 साल है ट्रेनिंग की सही उम्र

देवदत्त ने सबसे पहले लोकल 18 को यह बताया कि इस समय भारत में क्रिकेट के लिए जितना प्रेम है. उसे देखकर हर एक माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे क्रिकेट ही खेलें और इसमें पैसा और इज्जत भी खूब है. इसलिए हर माता-पिता चाहते हैं किउनके बच्चे क्रिकेट में जल्द से जल्द आ जाएं, लेकिन उनका कहना था कि माता-पिता अगर अपने बच्चे को बड़ा प्लेयर बनना चाहते हैं तो उनका बच्चा जैसे ही 7 साल का हो तो वह अपने बच्चे को किसी प्रोफेशनल क्रिकेट कोच के अंतर्गत क्रिकेट सीखने के लिए छोड़ दें.

वहीं, आगे उनका यह भी कहना था कि कभी-कभार यह भी होता कि छोटे बच्चों में भी काफी नेचुरल टेलेंट होता है तो अगर कोच यह कहें कि आपका बच्चा 4-5 साल की उम्र में ही काफी अच्छा खेल रहा है तो माता-पिता को तभी से ही उसे प्रोफेशनल क्रिकेट की कोचिंग करनी शुरू कर देनी चाहिए. ताकि वह आगे जाकर एक महान क्रिकेटर बने और भारतीय टीम का नाम बड़ा कर सके.

14-15 साल की उम्र में खेल सकते हैं आईपीएल

देवदत्त ने आगे बताया कि अभी यह चीज भी अच्छी खासी देखी जा रही है कि खिलाड़ी लगातार आईपीएल खेलने के लिए काफी ज्यादा इच्छुक दिख रहे हैं. तभी हम जैसे कोच भी 12, 13, 14 साल की उम्र से ही खिलाड़ियों को आईपीएल खेलने के लिए तैयार करना शुरू कर देते हैं. उनका कहना था कि 15 से 17 साल की उम्र में खिलाड़ी ऐसा बन जाना चाहिए कि वह आईपीएल खेल सके और अगर 20 से 21 साल की उम्र में खिलाड़ी को आईपीएल में मौका मिलता है तो वह अच्छा परफॉर्म भी कर सकता है.

वहीं, देवदत्त ने यह भी कहा कि उनके इन सब तरकों और दावों के पीछे एक पूरी मिसाल और एक पूरा सबूत वैभव सूर्यवंशी जैसा प्लेयर है, जिसने मात्र 14 से 15 साल की उम्र में ही आईपीएल खेल लिया है. उनका कहना था कि यह तभी होता है. जब प्लेयर में एक्स्ट्रा टैलेंट हो. जैसे कि उन्होंने पहले भी कहा है कि यदि कोई बच्चा 4 साल की उम्र में ही ऐसा दिखाना शुरू हो जाए कि उसमे एक्सट्रा टैलेंट है. वह आगे जाकर बड़ा प्लेयर बनेगा तो ही ऐसे वैभव सूर्यवंशी जैसे प्लेयर निकलकर सामने आते हैं.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें

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