All About Hepatitis Infection: लिवर हमारे शरीर की फंक्शनिंग को मेंटेन करने का काम करता है. लिवर में किसी तरह की परेशानी हो जाए, तो इससे पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है. वर्तमान समय में लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं और बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं. शराब, सिगरेट, वायरल इंफेक्शन, डिहाइड्रेशन और नमक का ज्यादा सेवन करने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है. डायबिटीज, मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी लिवर की प्रॉब्लम पैदा कर सकती हैं. लिवर में एक इंफेक्शन सबसे ज्यादा फैलता है, वह हेपेटाइटिस होता है. हेपेटाइटिस लिवर को बर्बाद कर देता है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल की प्रिवेंटिव हेल्थ एंंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि हेपेटाइटिस एक वायरल इंफेक्शन है, जिसकी वजह से लिवर में सूजन आ जाती है. इससे लिवर सही तरीके से काम नहीं कर पाता है और कई गंभीर बीमारियां पैदा होने लगती हैं. हेपेटाइटिस कई तरह का होता है, लेकिन सबसे ज्यादा लोग हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C की चपेट में आते हैं. शराब पीने की वजह से भी लिवर में हेपेटाइटिस इंफेक्शन हो सकता है. इन इंफेक्शंस का सही समय पर इलाज न कराया जाए, तो लिवर फेल हो सकता है और लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. हेपेटाइटिस इंफेक्शन से बचाव किया जा सकता है और इसका इलाज भी संभव है. कुछ हेपेटाइटिस की वैक्सीन भी उपलब्ध हैं.
किन वजहों से हो सकता है हेपेटाइटिस इंफेक्शन
डॉक्टर रावत ने बताया कि हेपेटाइटिस A संक्रमण दूषित खाना और गंदा पानी पीने की वजह से हो सकता है. अनहेल्दी खाने-पीने से यह संक्रमण हो सकता है. हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C ब्लड ट्रांसफ्यूजन, नीडल इंजरी, बॉडी फ्लूड्स और असुरक्षित यौन संबंध बनाने से हो सकता है. कई बार यह प्रेग्नेंसी में मां से यह इंफेक्शन बच्चे में पहुंच सकता है. ज्यादा शराब पीने से एल्कोहॉलिक हेपेटाइटिस हो सकता है. इसके अलावा भी कई तरह के हेपेटाइटिस होते हैं, जो वायरल इंफेक्शन की वजह से होते हैं. अगर इन इंफेक्शन का लंबे समय तक इलाज न किया जाए, तो लिवर की डाइजेस्टिव जूस प्रोड्यूस करने की क्षमता घट जाती है और लिवर फेलियर की नौबत आ सकती है.
4 करोड़ लोग क्रोनिक हेपेटाइटिस B का शिकार
ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी डिपार्टमेंट के कंसल्टेंट डॉ. अपूर्व पांडेय ने News18 को बताया कि हेपेटाइटिस लिवर को प्रभावित करने वाला एक गंभीर वायरल संक्रमण है. भारत में हेपेटाइटिस बी और सी सबसे आम हैं. आंकड़ों के अनुसार लगभग 4 करोड़ लोग क्रोनिक हेपेटाइटिस बी से और 60 लाख से 1.2 करोड़ लोग क्रोनिक हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त हैं. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और इसके आसपास के इलाकों से हेपेटाइटिस बी और सी के काफी मामले आते हैं. खासकर बरसात के मौसम में दूषित भोजन और पानी के कारण हेपेटाइटिस ए और ई के मामले बढ़ जाते हैं.
क्या होते हैं हेपेटाइटिस इंफेक्शन के प्रमुख लक्षण
डॉक्टर अपूर्व ने बताया कि हेपेटाइटिस के लक्षणों में थकान, बुखार, मितली, उल्टी, पेट दर्द और शरीर में पीलिया शामिल हैं. अगर लोगों को इनमें से किसी भी तरह के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से मिलकर जांच करवाएं. सभी तरह के हेपेटाइटिस इंफेक्शन का इलाज उपलब्ध है. हेपेटाइटिस B की वैक्सीन उपलब्ध है, जिसे लगवाने से इस इंफेक्शन का खतरा कम हो सकता है. सभी लोगों को समय समय पर अपने लिवर की जांच करानी चाहिए. खासतौर से ज्यादा उम्र के लोगों को लिवर का खास खयाल रखना चाहिए. वक्त रहते अगर लिवर के किसी इंफेक्शन का पता लग जाए, तो उसे इलाज से कंट्रोल कर सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : July 27, 2024, 12:18 IST